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कुरान और सुन्नत की रोशनी में एक आधुनिक गाइड

नात शरीफ पढ़ने के शौकीन के लिए बनाया गया है|

जिसकी दरबार-ऐ-मुहम्मद में रसाई होगी || नात शरीफ || हिंदी में

जिसकी दरबार-ऐ-मुहम्मद में रसाई होगी,

उसकी किस्मत पे फ़िदा सारी खुदाई होगी.

साँस लेता हु तो आती है महक तैबा की,
ये हवा कुच-ऐ -सरकार से आयी होगी.

चाँद कदमो पे गिरा उनका इशारा जो हुआ,
वो भी क्या वक़्त था जब ऊँगली उठायी होगी.

जिसकी दरबार-ऐ-मुहम्मद में रसाई होगी,
उसकी किस्मत पे फ़िदा सारी खुदाई होगी.

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