मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम, शम्अ-ए-बज़्म-ए-हिदायत पे लाखों सलाम || सलाम || हिंदी में ||
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम, शम्अ-ए-बज़्म-ए-हिदायत पे लाखों सलाम। मेहर-ए-चर्ख़-ए-नुबुव्वत पे रौशन दरूद, गुल-ए-बाग़-ए-रिसालत पे लाखों स...
DUA-E-GANJUL-ARSH Hazrat Jibraeel (a.s.) told the Holy Prophet (s.a.w.) that whoever will recite this dua, Allah (s.w.t.) will bestow upo...
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम, शम्अ-ए-बज़्म-ए-हिदायत पे लाखों सलाम। मेहर-ए-चर्ख़-ए-नुबुव्वत पे रौशन दरूद, गुल-ए-बाग़-ए-रिसालत पे लाखों स...
या नबी नज़रे करम फ़रमाना, ऐ हसनैन के नाना। ज़हरा पाक के सदक़े हमको, तैबा में बुलाना। ऐ हसनैन के नाना। आप के दर का मैं हूँ भिकारी, आप हैं मे...
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