Darood Taj || हिन्दी अनुवाद के साथ दरूद ताज || हिंदी में
Darood-E-Taj
Darood-e-Taj ek bahut hi mashhoor aur azeem-ush-shan darood hai. Niche iska Roman English, Hindi path aur iski fazilat wa ahmiyat di gayi hai:
Darood Taj Ki Fazilat Wa Barakaat (दरूद ताज की फ़ज़ीलत)
Balaon Aur Beemariyon Se Hifazat: Is darood sharif mein Huzoor ﷺ ki sifat ke zariye har tarah ki musibat, bimari aur waba se najaat ki dua hoti hai.
Rozi Wa Barkat Mein Izafa: Iska niyamit (regular) wazifa karne se rizq mein barakat hoti hai aur tangdasti dur hoti hai.
Dil Ka Sukoon: Iske wirad se dil ko roohani sukoon milta hai aur zehni pareshaniyan door hoti hain.
Ziyarat-e-Nabi ﷺ: Ba-wuzu hokar paak saaf jagah par ise kasrat se padhne par Deedar-e-Mustafa ﷺ ki sa'adat naseeb hoti hai.
﷽अल्लाहुम्मा सल्ले अला सय्यिदिना व मौलाना मोहम्मदीन
या ईलाही हमारे आक़ा व मौला मोहम्मद ﷺ पर रहमत नाज़िल फ़रमा ।
साहिबित्त ताज़े वल मेराजे वल बुर्राके वल अलम
जो साहिबे ताज़ और मेराज़ और बुर्राक वाले और झंडे वाले है
दाफेईल बलायें वल वबाई वल कहति वल मर्ज़ी वल अलम
जिनके वसीले से बला वबा और क़हत (सुखा) मर्ज़ और दुख दूर होता है
इस्मोहु मक़तूबुम मरफ़ूउम मशफ़ुउम मनकुसुन फ़ील लव्ही वल क़लम
आप ﷺ का नाम नामी लिखा गया, बुलंद किया गया, क़बूले शफ़ाअत किया गया,
और लोह व क़लम में गुदा हुवा है
सय्यिदिल अरबी वल अज़म
आप ﷺ अरब व अज़म के सरदार है
जिस्मोहु मुक़द्दसुन मुअत्तरुन मुतहहरुन मुनव्वरुन फ़ील बैति वल हरम
आप ﷺ का जिस्म निहायत मुक़द्दस ख़ुशबूदार पाकीज़ा और खाना क़ाबा व हरम पाक़ में मुनव्वर है
शमशुद्दुहा बदरुददुजा सदरिलउला नूरीलहुदा कहफ़िलवरा मिस्बाहिज़ ज़ुलम
आप ﷺ चास्तगाह के आफ़ताब, अँधेरी रात के माहताब, बुलन्दियों के सदर नसीन, राहे हिदायत के नूर, मख़लूक़ात के जाहपनाह, अँधेरो के चराग़
जमिलिस्सीयम शफ़ीईल उमम सहिबिल जुदी वल करम
नैक इतवार के मालिक़, उम्मतियों के बख़्शवाने वाले, बख़्शिश व करम से मोसूफ़ है
वल्लाहु आसिमोहु जिब्रीलो खादिमुह वल बुर्राको मर्कबुहु वल मेराजो सफ़रोहु व सिदरातुल मुंतहा मकामोहु
अल्लाह तआला आप ﷺ का निगहबान, जिब्रील आप ﷺ के ख़िदमत गुज़ार, बुर्राक़ आप ﷺ की सवारी, और मेराज़ आप ﷺ का सफर, और सिदरतुल मुंतहा आप ﷺ का मक़ाम
व क़ाबा क़व्सैनी मतलूबुह वल मतलुबुह मक़सुदुह वल मक़सुदुह मोजूदुह
और (क़रीबे ख़ुदावन्दी में) क़ाबा कौसेन का मरतबा, आप ﷺ मतलूब है, और मतलूब ही आप ﷺ का मक़सूद है, और मक़सूद आप ﷺ को हासिल है
सय्यिदिल मुरसलीन ख़ातिमिन नबीय्यीन शफ़ीईल मुज़नबीन अनिसिल ग़रीबिन
आप ﷺ रसूलों के सरदार है, नाबियों में सबसे आखिर, गुनाहगारों को बख़्शवाने वाले, मुसाफिरों के ग़मख़्वार
रहमतूल्लील आलमीन राहतिल आशेक़ीन मुरादिल मुश्ताक़ीन शमशील आरिफ़िन
दुनियाँ जहान के लिये रहमत, आशिक़ों की राहत, मुश्ताक़ों की मुराद, ख़ुदा बशनासो के आफ़ताब
सिराजिस सालिकीन मिस्बाहिल मुक़र्रबीन मोहिब्बुल फुक़राए वल गुरबाए वल मसाक़ीन
राहे ख़ुदा पर चलने वालों के चराग़, मुक़रीबो के रहनुमा, मोहताजों, गरिबों और मिस्कीनों से मोहब्बत रखने वाले
सय्यिदिस शक़लैन नबिय्यील हरमैन इमामिल किब्लतैन
जिन्नात और इंसान के सरदार, हरम शरीफ़ के नबी, दोनों कबीलों (बैतूल मुक़द्दस व क़ाबा) के पेशवा
वसिलतना फिद्दारैन साहिबे क़ाबा कौसेन
और दुनियाँ व आख़िरत में हमारा वसीला है, वह मरतबा जो क़ाबा कौसेन पर फ़ाइज़ है
महबूबे रब्बुल मशरीकैन व मग़रिबैन
दो मशरीक़ो और दो मग़रीबों के रब के मेहबूब है
जद्दील हसनी वल हुसैन मौलाना व मौलाना स शकलैन
हज़रत इमाम हसन व हुसैन रदिअल्लाहु अन्हु के जद्दे अमज़द, और तमाम रूह के आक़ा है ।
अबिल क़ासिमि मोहम्मद ﷺ इब्ने अब्दुल्लाह नूरुममिन नूरिल्लाह
अबुल क़ासिम मोहम्मद ﷺ बिन अब्दुल्लाह रदिअल्लाहु अन्हु, जो अल्लाह तआला के नूर में से एक नूर है
या आय्योहल मुश्ताक़ुन बिनुरी जमालेही
ऐसे नूरे मोहम्मद ﷺ के मुश्ताक़ों..!
सल्लु अलैही व आलेही व अस्हाबेहि व सल्लीमो तस्लीमा
आप ﷺ पर और आप ﷺ की आल पर और आप ﷺ के अस्हाब पर दुरूद व सलाम भेजो जो भेजने का हक़ है ।
या ईलाही हमारे आक़ा व मौला मोहम्मद ﷺ पर रहमत नाज़िल फ़रमा ।
साहिबित्त ताज़े वल मेराजे वल बुर्राके वल अलम
जो साहिबे ताज़ और मेराज़ और बुर्राक वाले और झंडे वाले है
दाफेईल बलायें वल वबाई वल कहति वल मर्ज़ी वल अलम
जिनके वसीले से बला वबा और क़हत (सुखा) मर्ज़ और दुख दूर होता है
इस्मोहु मक़तूबुम मरफ़ूउम मशफ़ुउम मनकुसुन फ़ील लव्ही वल क़लम
आप ﷺ का नाम नामी लिखा गया, बुलंद किया गया, क़बूले शफ़ाअत किया गया,
और लोह व क़लम में गुदा हुवा है
सय्यिदिल अरबी वल अज़म
आप ﷺ अरब व अज़म के सरदार है
जिस्मोहु मुक़द्दसुन मुअत्तरुन मुतहहरुन मुनव्वरुन फ़ील बैति वल हरम
आप ﷺ का जिस्म निहायत मुक़द्दस ख़ुशबूदार पाकीज़ा और खाना क़ाबा व हरम पाक़ में मुनव्वर है
शमशुद्दुहा बदरुददुजा सदरिलउला नूरीलहुदा कहफ़िलवरा मिस्बाहिज़ ज़ुलम
आप ﷺ चास्तगाह के आफ़ताब, अँधेरी रात के माहताब, बुलन्दियों के सदर नसीन, राहे हिदायत के नूर, मख़लूक़ात के जाहपनाह, अँधेरो के चराग़
जमिलिस्सीयम शफ़ीईल उमम सहिबिल जुदी वल करम
नैक इतवार के मालिक़, उम्मतियों के बख़्शवाने वाले, बख़्शिश व करम से मोसूफ़ है
वल्लाहु आसिमोहु जिब्रीलो खादिमुह वल बुर्राको मर्कबुहु वल मेराजो सफ़रोहु व सिदरातुल मुंतहा मकामोहु
अल्लाह तआला आप ﷺ का निगहबान, जिब्रील आप ﷺ के ख़िदमत गुज़ार, बुर्राक़ आप ﷺ की सवारी, और मेराज़ आप ﷺ का सफर, और सिदरतुल मुंतहा आप ﷺ का मक़ाम
व क़ाबा क़व्सैनी मतलूबुह वल मतलुबुह मक़सुदुह वल मक़सुदुह मोजूदुह
और (क़रीबे ख़ुदावन्दी में) क़ाबा कौसेन का मरतबा, आप ﷺ मतलूब है, और मतलूब ही आप ﷺ का मक़सूद है, और मक़सूद आप ﷺ को हासिल है
सय्यिदिल मुरसलीन ख़ातिमिन नबीय्यीन शफ़ीईल मुज़नबीन अनिसिल ग़रीबिन
आप ﷺ रसूलों के सरदार है, नाबियों में सबसे आखिर, गुनाहगारों को बख़्शवाने वाले, मुसाफिरों के ग़मख़्वार
रहमतूल्लील आलमीन राहतिल आशेक़ीन मुरादिल मुश्ताक़ीन शमशील आरिफ़िन
दुनियाँ जहान के लिये रहमत, आशिक़ों की राहत, मुश्ताक़ों की मुराद, ख़ुदा बशनासो के आफ़ताब
सिराजिस सालिकीन मिस्बाहिल मुक़र्रबीन मोहिब्बुल फुक़राए वल गुरबाए वल मसाक़ीन
राहे ख़ुदा पर चलने वालों के चराग़, मुक़रीबो के रहनुमा, मोहताजों, गरिबों और मिस्कीनों से मोहब्बत रखने वाले
सय्यिदिस शक़लैन नबिय्यील हरमैन इमामिल किब्लतैन
जिन्नात और इंसान के सरदार, हरम शरीफ़ के नबी, दोनों कबीलों (बैतूल मुक़द्दस व क़ाबा) के पेशवा
वसिलतना फिद्दारैन साहिबे क़ाबा कौसेन
और दुनियाँ व आख़िरत में हमारा वसीला है, वह मरतबा जो क़ाबा कौसेन पर फ़ाइज़ है
महबूबे रब्बुल मशरीकैन व मग़रिबैन
दो मशरीक़ो और दो मग़रीबों के रब के मेहबूब है
जद्दील हसनी वल हुसैन मौलाना व मौलाना स शकलैन
हज़रत इमाम हसन व हुसैन रदिअल्लाहु अन्हु के जद्दे अमज़द, और तमाम रूह के आक़ा है ।
अबिल क़ासिमि मोहम्मद ﷺ इब्ने अब्दुल्लाह नूरुममिन नूरिल्लाह
अबुल क़ासिम मोहम्मद ﷺ बिन अब्दुल्लाह रदिअल्लाहु अन्हु, जो अल्लाह तआला के नूर में से एक नूर है
या आय्योहल मुश्ताक़ुन बिनुरी जमालेही
ऐसे नूरे मोहम्मद ﷺ के मुश्ताक़ों..!
सल्लु अलैही व आलेही व अस्हाबेहि व सल्लीमो तस्लीमा
आप ﷺ पर और आप ﷺ की आल पर और आप ﷺ के अस्हाब पर दुरूद व सलाम भेजो जो भेजने का हक़ है ।
बलग़ल उला बे कमालेही
कशफद्दुजा बे जमालेही
हसनत जमिऊ खिसालेही
सल्लु अलैही व आलेही
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1 टिप्पणी
माशा अल्लाह , बहुत खूब, तर्जुमा पढ़के इमां ताज़ा हो गया। मशलके आला हज़रत जिंदाबाद।।
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